March 28, 2026

CDO का सख्त एक्शन, निरीक्षण में 22 कर्मचारी गायब, वेतन रोकने के आदेश जारी..

CDO का सख्त एक्शन, निरीक्षण में 22 कर्मचारी गायब, वेतन रोकने के आदेश जारी..

 

 

 

 

उत्तराखंड: सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए भीमताल में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र से लेकर विकास खंड कार्यालय तक कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भीमताल से हुई, जहां सीडीओ ने खुद आम मरीज बनकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को परखा। इस दौरान जब उपस्थिति पंजिका की जांच की गई तो 15 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। दवाइयों की एक्सपायरी डेट चेक की गई और यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मरीजों को बाहर से दवाइयां न लिखी जाएं। इसके साथ ही अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनों की कार्य स्थिति का जायजा लिया गया। आयुष्मान योजना के तहत इलाज प्राप्त कर रहे मरीजों की जानकारी भी ली गई। सीडीओ ने साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर रखने और सभी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने विकास खंड कार्यालय भीमताल का भी निरीक्षण किया। यहां 6 कर्मचारी गैरहाजिर मिले, जिस पर खंड विकास अधिकारी को सभी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों ने भ्रमण पंजिका में पूर्व की तारीखों में दौरा दर्ज किया, लेकिन उसके बाद से कार्यालय नहीं पहुंचे। इस पर सीडीओ ने कार्यप्रणाली में सुधार लाने और जिम्मेदारी के साथ काम करने की सख्त हिदायत दी। निरीक्षण में स्वयं सहायता समूहों से संबंधित रजिस्टर वितरण में भी लापरवाही पाई गई, जिस पर अधिकारियों को जल्द से जल्द वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि 31 मार्च से पहले उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में सुधार नहीं होने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।