ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर बड़ा हादसा, चलते ट्रक पर गिरा भारी पत्थर..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी मार्गों में शामिल तोताघाटी क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। पहाड़ी से अचानक गिरे भारी बोल्डर ने सीमेंट से लदे एक ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। विशाल पत्थर ट्रक के केबिन पर गिरा, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक ऋषिकेश से सीमेंट लादकर श्रीनगर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन तोताघाटी क्षेत्र के पास पहुंचा, अचानक पहाड़ी से छोटे-बड़े पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान एक बड़ा बोल्डर सीधे ट्रक के केबिन पर आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पत्थर का आकार इतना बड़ा था कि उसने केबिन को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और चालक को अंदर ही दबा दिया। हादसा इतना भयावह था कि चालक को बचाने का कोई मौका नहीं मिला। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत-बचाव टीमों ने भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद बोल्डर को हटाया गया और चालक के शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान मुरारी लाल (55 वर्ष), निवासी पुदियानी, कर्णप्रयाग, जनपद चमोली के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवप्रयाग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
चार घंटे तक जाम रहा हाईवे..
दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया और मार्ग को आंशिक रूप से बहाल किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। तोताघाटी क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। प्रशासन द्वारा इसे ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया गया है। मौसम में बदलाव, हल्की बारिश या तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान यहां अचानक बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि इस मार्ग पर स्थायी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। पहाड़ी कटान और ढलानों को मजबूत करने के लिए जालियां, सुरक्षात्मक दीवारें और अन्य इंजीनियरिंग उपाय किए जाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क मार्ग जीवनरेखा हैं, लेकिन संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा प्रबंधन की चुनौतियां भी उतनी ही गंभीर हैं। तोताघाटी में हुआ यह हादसा एक बार फिर इस क्षेत्र में स्थायी और प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता की ओर संकेत करता है।

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